महाराष्ट्र 14 न्यूज, दि.१८ नव्हबर : श्री नारायणधाम योग निसर्गोपचार आयुर्वेद संशोधन केंद्र, पुणे में आज 8वाँ प्राकृत चिकित्सा दिवस गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में अहमदाबाद से पधारे श्री सुरेशभाई अम्बालाल उपस्थित रहे। वे देशभर में प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर हैं और जैन धर्म के अनेक सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों को सेवा भाव से करवाने के लिए जाने जाते हैं।
अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में उन्होंने कहा कि—
“प्रकृति मानव जीवन की सबसे सच्ची गुरु है; जितना हम प्रकृति के निकट रहेंगे, उतना ही शरीर और मन स्वाभाविक रूप से स्वस्थ रहेंगे।”
उन्होंने सभी को साधगी, संयम, सकारात्मक सोच और निःस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के निदेशक एवं वरिष्ठ प्राकृतिक चिकित्सक श्री उमेश कुमार डोंगरे ने की।
इस अवसर पर डॉ. संतोष माली (MD आयुर्वेद) तथा डॉ. सुप्रिया डोंगरे (MS ENT) विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
केंद्र का स्टाफ देश के कई राज्यों से है— महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना और बिहार, जिन्होंने उत्साहपूर्ण सहभागिता की।
दिनभर के कार्यक्रम में—
• योग सत्र,
• प्राकृतिक चिकित्सा जागरूकता चर्चा,
• तथा स्वस्थ जीवनशैली पर संवाद आयोजित किए गए, जिनमें मरीजों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्राकृतिक चिकित्सक:
डॉ. खुशबू यादव, डॉ. साक्षी गुप्ता, डॉ. तृप्ति नलगे, डॉ. प्रियंका चावड़ा, डॉ. कृति मिश्रा, डॉ. पायल चौधरी, डॉ. अपूर्वा रघुनंदन ताकले,डॉ. रूपम द्विवेदी सभी चिकित्सकों और स्टाफ ने संकल्प लिया कि प्राकृतिक चिकित्सा के प्रमुख सिद्धांत—आहार, विहार, विचार, अनुशासन और प्रकृति-संगति—को और अधिक लोगों तक पहुँचाया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में निदेशक ने अतिथियों, चिकित्सकों, मरीजों एवं स्टाफ का आभार व्यक्त किया और प्राकृतिक चिकित्सा के विस्तार हेतु निरंतर कार्यरत रहने का संदेश दिया।

















